🪔 त्योहारों की सेल: कार्ट में डालने से पहले हमारी गाइड पढ़ें →

मिक्सर ग्राइंडर के जार और ब्लेड: कौन-सा जार किस काम के लिए

बैटर, मसाले, चटनी और जूस के लिए कौन-सा जार और ब्लेड इस्तेमाल करें, हर जार कितना भरें, और जार, कपलर और ब्लेड लंबे समय तक कैसे चलाएं।

किचन काउंटर पर ब्लेंडर जार में फल डालता एक व्यक्ति

भारत में बिकने वाले ज़्यादातर मिक्सर ग्राइंडर के साथ तीन जार आते हैं, कभी-कभी चार। ये दिखते तो एक जैसे हैं, लेकिन जार का आकार और नीचे लगा ब्लेड ही तय करता है कि आपका मसाला बारीक पिसेगा या चटनी में टुकड़े रह जाएंगे। यहां जानिए कौन-सा जार किस काम का है।

आम तौर पर मिलने वाले जार

जारआमतौर पर साइज़किसके लिए सबसे अच्छाकिससे बचें
बड़ा (वेट / लिक्विडाइज़िंग)1.5 L या ज़्यादाइडली-डोसा बैटर, ग्रेवी, टमाटर प्यूरी, लस्सी, छाछ, स्मूदीथोड़ी मात्रा में सूखे मसाले
मीडियम (ड्राई / मल्टीपर्पज़)करीब 1 Lगरम मसाला, सांभर पाउडर, रवा, चीनी, कॉफ़ी, बैटर के छोटे बैचबहुत ज़्यादा तरल
छोटा (चटनी)करीब 0.4–0.5 Lनारियल चटनी, हरी चटनी, अदरक-लहसुन पेस्ट, मसाले के छोटे बैचऐसी कोई भी चीज़ जिसे घूमने के लिए ज़्यादा जगह चाहिए
जूसर जार (अगर साथ आता है)अलग-अलगताज़ा जूस, गूदा अलग करने के लिए फ़िल्टर के साथभारी पिसाई के काम

साइज़ मॉडल के हिसाब से अलग होते हैं, इसलिए अपने जार देख लें। अगर आप अभी मिक्सर ग्राइंडर चुन रहे हैं, तो हमारी वाट गाइड बताती है कि ज़्यादातर घरों को कितने जार चाहिए।

ब्लेड, और वे अलग क्यों होते हैं

असल में ब्लेड एक-दूसरे की जगह इस्तेमाल नहीं होते। हर सेट अपने जार के साथ काम करने के लिए बना होता है।

  • वेट ग्राइंडिंग ब्लेड (बड़ा जार): आमतौर पर चौड़े होते हैं और ऐसे लगे होते हैं कि सामग्री को नीचे भंवर में खींचें। ये तरल के साथ काम करने के लिए बने हैं, ताकि मिश्रण घूमता रहे।
  • ड्राई ग्राइंडिंग ब्लेड (मीडियम जार): आमतौर पर ज़्यादा तेज़ और तले के ज़्यादा पास होते हैं, ताकि साबुत मसाले और दाल जैसी सख़्त, सूखी चीज़ों को बारीक पाउडर बना सकें।
  • चटनी ब्लेड (छोटा जार): थोड़ी मात्रा के लिए छोटे ब्लेड। जार पतला होने से सामग्री ब्लेड के पास ही रहती है।
  • व्हिपर या ब्लेंडिंग अटैचमेंट (कुछ मॉडलों में): काटने के बजाय छाछ, लस्सी फेंटने या मलाई से मक्खन निकालने के लिए एक भोथरी डिस्क या पैडल।

कई स्टील जार में फ़्लो ब्रेकर भी होते हैं: अंदर की दीवार पर उभरी हुई धारियां। ये घुमाव को तोड़ती हैं ताकि सामग्री किनारों पर घूमती रहने की बजाय वापस ब्लेड पर गिरे। बैटर और चटनी जैसे गाढ़े मिश्रण में इनसे सबसे ज़्यादा मदद मिलती है।

हर जार कितना भरें

ख़राब नतीजे और ज़्यादा गर्म होने की सबसे आम वजह जार को ज़्यादा भरना है।

जारगीली सामग्रीसूखी सामग्री
बड़ागाढ़े बैटर के लिए करीब आधा; छाछ जैसे पतले तरल के लिए मैक्स निशान तकसही नहीं
मीडियमकरीब आधाकरीब एक-तिहाई से आधा
छोटाकरीब आधाकुछ बड़े चम्मच

गाढ़ी गीली पिसाई में जितना कम, उतना बेहतर। आधा भरा जार पूरे भरे जार से ज़्यादा जल्दी और बारीक पीसता है।

भारतीय खाने के लिए हर जार के टिप्स

बड़ा जार

  • इडली और डोसा बैटर के लिए बर्फ़ जैसा ठंडा पानी इस्तेमाल करें और उड़द दाल व चावल अलग-अलग पीसें। पूरा तरीका हमारी इडली और डोसा बैटर गाइड में है।
  • ग्रेवी के लिए प्याज़-टमाटर मसाले को पीसने से पहले ठंडा होने दें। गर्म तरल में भाप बनती है और ढक्कन उछल सकता है।

मीडियम ड्राई जार

  • पक्का करें कि जार पूरी तरह सूखा हो। कुछ बूंदें भी मसाले में गुठलियां बना देती हैं।
  • पीसने से पहले भुने मसाले ठंडे कर लें। वे बेहतर पिसते हैं और जार भी उतना गर्म नहीं होता।
  • हल्दी, दालचीनी या सूखी लाल मिर्च जैसे सख़्त मसाले छोटे-छोटे पल्स में पीसें। पाउडर को अपने मसाला डब्बा या एयरटाइट डिब्बे में रखें।

छोटा चटनी जार

  • नारियल चटनी के लिए एक चम्मच पानी या दही डालें ताकि वह घूमे।
  • पल्स करें, किनारों से नीचे करें, फिर पल्स करें।
  • अदरक-लहसुन पेस्ट में थोड़ा तेल या पानी डालने से वह चिकना पिसता है और ज़्यादा दिन ताज़ा रहता है।

कौन-से पुर्ज़े घिसते हैं

जार सिर्फ़ एक डिब्बा नहीं है। हर जार के नीचे कुछ पुर्ज़े होते हैं जो इस्तेमाल के साथ घिसते हैं।

  • कपलर: दांतेदार पुर्ज़ा जो जार को मोटर से जोड़ता है। जार का कपलर और मोटर का कपलर आपस में फंसते हैं। अगर मोटर चलती है लेकिन ब्लेड नहीं घूमते, तो घिसा हुआ कपलर एक आम वजह है।
  • गैस्केट (सीलिंग रिंग): रबर की रिंग जो ब्लेड असेंबली या ढक्कन को सील करती है। घिसी हुई या ग़ायब गैस्केट लीक होने की एक आम वजह है।
  • ब्लेड असेंबली और बेयरिंग: ब्लेड एक शाफ़्ट पर लगे होते हैं जो जार के तले में एक बेयरिंग से होकर जाता है। अगर जार पीसते समय शोर करने लगे या ब्लेड सख़्त या हिलता हुआ लगे, तो असेंबली बदलनी पड़ सकती है।

नए जार, कपलर और गैस्केट आमतौर पर ऑथराइज़्ड सर्विस सेंटर पर मिल जाते हैं। अपने मॉडल के लिए बने पुर्ज़े इस्तेमाल करने से जार ठीक से लॉक होता और चलता है। लीक, शोर और दूसरी ख़राबियों के बारे में और जानने के लिए मिक्सर ग्राइंडर की समस्याएं और उनके हल देखें।

सफ़ाई और देखभाल

  • इस्तेमाल के तुरंत बाद धो लें, ख़ासकर हल्दी या बैटर के बाद, जो दाग़ छोड़ते हैं और जम जाते हैं।
  • जार का तला ज़्यादा देर पानी में न भिगोएं। पानी बेयरिंग में जा सकता है।
  • ब्लेड के आसपास ध्यान से साफ़ करें, ब्रश से, उंगलियों से नहीं।
  • चिपकी गंदगी ढीली करने के लिए जार में गुनगुना पानी और डिशवॉश लिक्विड की एक बूंद डालकर थोड़ी देर चलाएं, फिर धो लें।
  • रखने से पहले जार उल्टा करके पूरी तरह सुखाएं, ख़ासकर ड्राई जार।
  • जार डिशवॉशर में डालने से पहले मैनुअल देख लें।

कौन-सा जार किस काम के लिए: झटपट रेफ़रेंस

कामजार
इडली, डोसा, अप्पम बैटरबड़ा
प्याज़-टमाटर ग्रेवी बेसबड़ा
लस्सी, छाछ, मिल्कशेकबड़ा (या व्हिपर अटैचमेंट)
गरम मसाला, सांभर पाउडर, रसम पाउडरमीडियम
पिसी चीनी, रवा, ओट्समीडियम
नारियल या पुदीना चटनीछोटा
अदरक-लहसुन पेस्टछोटा
गूदा अलग करके जूसजूसर जार

निष्कर्ष

काम के हिसाब से जार चुनें: गीले के लिए बड़ा, सूखे के लिए मीडियम, चटनी के लिए छोटा। जार करीब आधे भरें, ड्राई जार को सच में सूखा रखें, और कपलर व गैस्केट का ध्यान रखें। ऐसा करें, तो एक बेसिक तीन जार वाला मिक्सर ग्राइंडर भी भारतीय रसोई का लगभग हर काम संभाल लेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इडली बैटर के लिए मिक्सर ग्राइंडर का कौन-सा जार सबसे अच्छा है?

बड़ा वेट ग्राइंडिंग या लिक्विडाइज़िंग जार, आमतौर पर 1.5 लीटर या उससे बड़ा। भीगी दाल या चावल से इसे लगभग आधे से ज़्यादा न भरें, और ठंडे पानी के साथ बैच में पीसें।

क्या गीले जार में सूखे मसाले पीसे जा सकते हैं?

पीस सकते हैं, लेकिन आमतौर पर मसाला दरदरा रहता है, क्योंकि वेट ब्लेड और चौड़ा जार थोड़ी मात्रा में सूखी चीज़ों के लिए नहीं बने हैं। तेज़ ब्लेड वाला मीडियम ड्राई जार ज़्यादा बारीक मसाला पीसता है।

छोटा चटनी जार साबुत टुकड़े क्यों छोड़ देता है?

आमतौर पर इसलिए कि जार ज़्यादा भरा है या चीज़ें बहुत सूखी हैं। इसे लगभग आधे से ज़्यादा न भरें, गीली चटनी के लिए एक चम्मच पानी, दही या तेल डालें, और किनारों से नीचे करते हुए पल्स करें।

क्या मिक्सर ग्राइंडर के जार डिशवॉशर में धो सकते हैं?

अपना मैनुअल देखें। कई कंपनियां इसकी सलाह नहीं देतीं, क्योंकि पानी और डिटर्जेंट ब्लेड के नीचे बेयरिंग में जा सकता है। हाथ से धोकर उल्टा करके सुखाना ज़्यादा सुरक्षित है।

आगे पढ़ें

मिलती-जुलती गाइड

केले के पत्ते पर इडली, वड़ा, चटनी और डोसा की प्लेट मिक्सर ग्राइंडर
गाइड

मिक्सर ग्राइंडर में नरम इडली और डोसा का बैटर कैसे बनाएं

चावल और उड़द का अनुपात, भिगोने का समय, ठंडा पानी क्यों ज़रूरी है, और गर्मी-सर्दी में मिक्सर ग्राइंडर की मोटर गर्म किए बिना बैटर कैसे फ़र्मेंट करें।

7 मिनट में पढ़ें 29 अक्टूबर 2026
मिक्सर ग्राइंडर
तुलना

जूसर मिक्सर ग्राइंडर या फ़ूड प्रोसेसर: आपको कौन-सा ख़रीदना चाहिए?

दोनों मशीनें क्या करती हैं, भारतीय खाने के लिए कौन बेहतर है, और कब दोनों रखना सही है: चटनी, बैटर, आटा गूंधना, काटना और जूस, सबकी तुलना।

3 मिनट में पढ़ें 29 अक्टूबर 2026
मिक्सर ग्राइंडर
गाइड

मिक्सर ग्राइंडर की समस्याएं और उनके हल: गर्म होना, जार लीक होना, चालू न होना

मिक्सर ग्राइंडर की आम समस्याओं के सुरक्षित हल: चालू न होना, गर्म होना, जलने की गंध, जार लीक होना, ब्लेड न घूमना और तेज़ शोर, और कब सर्विस बुलाएं।

7 मिनट में पढ़ें 29 अक्टूबर 2026

अगली सेल से पहले हमारे सुझाव पाएँ

महीने में एक ईमेल: अपडेट किए गए सुझाव, काम की प्राइस ड्रॉप और नई जानकारी। कोई स्पैम नहीं।

Add newsletter.action or newsletter.telegram in site.config.json to activate signups.