लोहे का तवा भारतीय रसोई की सबसे अच्छी चीज़ों में से एक है। यह एक जैसा गर्म होता है, रोटियां बढ़िया फूलती हैं, डोसे कुरकुरे बनते हैं, और यह ज़िंदगी भर चल सकता है। दिक्कत बस इतनी है कि बिना सीज़निंग के लोहे में ज़ंग लगता है और खाना चिपकता है। सीज़निंग सुनने में मुश्किल लगती है, लेकिन यह बस तेल और आंच के कुछ राउंड हैं, जिसके बाद रोज़ का एक आसान रूटीन।
सीज़निंग असल में क्या है
जब लोहे पर तेल की पतली परत को उसके स्मोकिंग पॉइंट से ज़्यादा गर्म किया जाता है, तो वह एक सख़्त, चिकनी परत बन जाती है जो धातु से चिपक जाती है। यह परत:
- लोहे को नमी से बचाती है, ताकि उसमें ज़ंग न लगे।
- सतह के छोटे-छोटे गड्ढे भर देती है, ताकि खाना आसानी से उतरे।
- हर इस्तेमाल और तेल के हर पोंछे के साथ समय के साथ मज़बूत होती जाती है।
इसीलिए खूब इस्तेमाल किया हुआ तवा अक्सर नए तवे से बेहतर काम करता है। लक्ष्य है कई पतली परतें, एक मोटी परत नहीं।
लोहे का तवा बनाम कास्ट आयरन तवा
| लोहे की चादर का तवा | कास्ट आयरन तवा | |
|---|---|---|
| वज़न | हल्का | भारी |
| गर्म होना | जल्दी गर्म होता है | ज़्यादा समय लेता है, लेकिन गर्मी बहुत अच्छी तरह रोककर रखता है |
| टिकाऊपन | खाली ज़्यादा गर्म करने पर टेढ़ा हो सकता है | गिरने पर या गर्म रहते ठंडा पानी पड़ने पर चटक सकता है |
| किसके लिए सबसे अच्छा | रोज़ की रोटी, पराठे | डोसा, उत्तपम, देर तक पकाने के लिए स्थिर गर्मी |
| इंडक्शन | हां, अगर सपाट हो | हां, अगर सपाट हो |
दोनों की सीज़निंग और देखभाल एक ही तरह होती है।
नए तवे की सीज़निंग कैसे करें
- अच्छी तरह धोएं। नए तवों पर अक्सर फ़ैक्ट्री से लगा सुरक्षा वाला तेल या कोटिंग होती है। गुनगुने पानी, थोड़े डिश सोप और स्क्रबर से रगड़ें। कुछ लोग इसे पूरी तरह हटाने के लिए तवे पर पानी भी उबालते हैं या नमक और पानी के पेस्ट से रगड़ते हैं।
- आंच पर सुखाएं। इसे धीमी से मीडियम आंच पर तब तक रखें जब तक नमी पूरी तरह न चली जाए।
- तेल की बहुत पतली परत लगाएं। मूंगफली, सूरजमुखी या राइस ब्रान जैसा न्यूट्रल, ऊंचे स्मोक पॉइंट वाला तेल इस्तेमाल करें। मोड़े हुए कपड़े या पेपर टॉवल (चिमटे से पकड़कर) से इसे पकाने वाली सतह, किनारों और पीछे की तरफ़ फैलाएं।
- ज़्यादातर तेल पोंछ दें। तवा लगभग सूखा दिखना चाहिए, बस हल्की चमक के साथ। ज़्यादातर लोग यही स्टेप छोड़ देते हैं, और इसी वजह से सीज़निंग चिपचिपी हो जाती है।
- तब तक गर्म करें जब तक धुआं निकले और फिर बंद हो जाए। रसोई में हवा आती-जाती रहे: चिमनी या एग्ज़ॉस्ट फ़ैन चालू करें और खिड़की खोलें।
- ठंडा होने दें, फिर स्टेप 3 से 5 तीन से पांच बार दोहराएं। हर राउंड के साथ तवा गहरा होता जाएगा।
पारंपरिक तरीके: बहुत से भारतीय घरों में गर्म तवे पर तेल में डुबोया आधा प्याज़ रगड़ा जाता है, या रोज़ाना खाना बनाने से पहले उस पर कुछ बार तेल वाले डोसे या पराठे बनाए जाते हैं। इनसे भी परत मज़बूत होती है।
रोज़ की देखभाल
- गर्म रहते साफ़ करें। चपटे पलटे से खाना खुरच लें, फिर गर्म पानी और ब्रश या नरम स्क्रबर से धोएं। ज़रूरत हो तभी हल्के साबुन की एक बूंद लें।
- आंच पर सुखाएं, सिर्फ़ तौलिये से नहीं। थोड़ा भी गीला छोड़ा लोहा रात भर में ज़ंग पकड़ सकता है।
- गर्म रहते ही तेल की पतली परत पोंछ दें।
- सूखा रखें, ऐसी जगह जहां हवा लगे, दूसरे बर्तनों के साथ गीला ढेर लगाकर नहीं।
डोसे के लिए: घोल डालने से पहले गर्म तवे पर पानी की कुछ बूंदें छिड़कें। अगर वे छनछनाकर जल्दी उड़ जाएं, तो तवा तैयार है। दो डोसों के बीच तवे को तेल लगे आधे प्याज़ या गीले कपड़े से पोंछें, ताकि तापमान थोड़ा कम हो और घोल बराबर फैले। बहुत से घरों में डोसे के लिए अलग तवा रखा जाता है, क्योंकि रोटियां आमतौर पर सूखी सेकी जाती हैं और दोनों कामों के लिए थोड़ी अलग सतह चाहिए।
क्या न करें
| न करें | क्यों |
|---|---|
| सिंक में भिगोकर रखना | पानी सीज़निंग के नीचे चला जाता है और ज़ंग शुरू हो जाता है |
| डिशवॉशर में डालना | सीज़निंग उतर जाती है और ज़ंग लगता है |
| गीला छोड़ना या हवा में सूखने देना | कुछ ही घंटों में ज़ंग दिख सकता है, ख़ासकर मानसून में |
| इसमें खाना रखना | नमी और नमक घंटों तक लोहे पर रहते हैं |
| खट्टी चीज़ें देर तक पकाना | एसिड सीज़निंग उतार देता है (नीचे देखें) |
| गर्म कास्ट आयरन तवे पर ठंडा पानी डालना | तापमान के अचानक बदलाव से यह चटक या टेढ़ा हो सकता है |
| खाली तवे को तेज़ आंच पर देर तक गर्म करना | सीज़निंग जल सकती है और पतले तवे टेढ़े हो सकते हैं |
खट्टा खाना सीज़निंग क्यों उतार देता है
टमाटर, इमली, नींबू का रस, अमचूर, सिरका और दही एसिडिक होते हैं। एसिड धीरे-धीरे सीज़निंग की परत को तोड़ता है और फिर नीचे के खुले लोहे से रिएक्ट करता है। इसीलिए लोहे के बर्तन में बहुत टमाटर या इमली के साथ देर तक पका खाना धातु जैसे स्वाद का या काला हो सकता है, और बर्तन अक्सर बाद में धब्बेदार या भूरा-सा दिखता है।
अच्छी तरह सीज़न किए तवे पर तैयार डिश पर नींबू निचोड़ना, या थोड़े टमाटर के साथ कुछ देर पकाना आमतौर पर ठीक है। खट्टी ग्रेवी को देर तक उबालना स्टेनलेस स्टील में बेहतर है। अगर खट्टा पकाने के बाद सीज़निंग फीकी पड़ जाए, तो बस धोएं, सुखाएं और एक राउंड तेल और आंच दे दें।
ज़ंग कैसे हटाएं
ज़ंग लगना आम बात है, ख़ासकर उमस भरे मानसून के महीनों में, और इसे ठीक करना आसान है।
- स्टील वूल या खुरदरे स्क्रबर और थोड़े पानी से ज़ंग रगड़कर हटाएं। ज़िद्दी धब्बों के लिए बेकिंग सोडा और पानी का पेस्ट, या कटे नींबू के साथ मोटा नमक इस्तेमाल करें। (नींबू एसिडिक है, जिससे ज़ंग उठाने में मदद मिलती है, लेकिन इसे तुरंत धो दें।)
- तुरंत धोकर आंच पर सुखाएं।
- दोबारा सीज़न करें: तेल की पतली परत लगाएं, ज़्यादा तेल पोंछ दें, और तब तक गर्म करें जब तक धुआं निकलना बंद न हो जाए। दो-तीन बार दोहराएं।
अगर तवे में गहरे गड्ढे हैं या परतें उखड़ रही हैं, तो आप उसे रगड़कर बिल्कुल खुली धातु तक ला सकते हैं और शुरू से सीज़न कर सकते हैं। तवा शायद ही कभी इतना ख़राब होता है कि बचाया न जा सके।
मानसून टिप्स
- तवे को हर बार आंच पर सुखाएं, भले ही आपने बस पानी से धोया हो।
- रखने से पहले थोड़ा ज़्यादा तेल पोंछें (लेकिन फिर भी पतला)।
- इसे सिंक और चूल्हे के छींटों से दूर रखें, और बंद, सीलन वाली अलमारी में ढेर लगाकर न रखें।
- अगर कुछ समय तक इस्तेमाल नहीं करना है, तो तेल लगाएं, अख़बार में ढीला लपेटें और किसी सूखी जगह रखें।
रसोई को अच्छी हालत में रखने के और आइडिया के लिए हमारे इंडियन किचन टिप्स देखें। अगर आप नया बर्तन चुन रहे हैं, तो हमारी कड़ाही मटीरियल गाइड में लोहे की तुलना स्टील और नॉन-स्टिक से की गई है, और हमारी इंडक्शन बर्तन गाइड बताती है कि इंडक्शन पर क्या चलता है।
निष्कर्ष
तेल की पतली परतों और आंच से सीज़न करें, कई बार दोहराकर। हर इस्तेमाल के बाद धोएं, आंच पर सुखाएं और हल्का तेल लगाएं। भिगोने, खाना रखने और देर तक पकने वाली खट्टी चीज़ों से बचें। अगर ज़ंग दिखे, तो रगड़कर हटाएं और दोबारा सीज़न करें। इस आसान रूटीन से लोहे का तवा हर साल बेहतर पकाएगा और दशकों तक चलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कैसे पता चले कि तवे की सीज़निंग ठीक से हो गई है?
अच्छी तरह सीज़न किया तवा हर जगह एक जैसा गहरा दिखता है, छूने में चिपचिपा नहीं बल्कि चिकना लगता है, और डोसा या रोटी बिना फटे उतर जाती है। अगर खाना चिपकता है, सतह पर धब्बे या भूरापन दिखता है, या उसमें जल्दी ज़ंग लगता है, तो कुछ और बार सीज़निंग करनी होगी।
क्या लोहे का तवा साबुन से धो सकते हैं?
कभी-कभार थोड़ा हल्का साबुन और नरम स्क्रबर अच्छी सीज़निंग को ख़राब नहीं करेगा। नुकसान होता है भिगोकर रखने, रोज़ सख़्ती से रगड़ने, डिशवॉशर में डालने और गीला छोड़ने से। आमतौर पर गर्म पानी और ब्रश काफ़ी हैं।
सीज़निंग के बाद तवा चिपचिपा क्यों हो गया?
बहुत ज़्यादा तेल की वजह से। मोटी परतें ठीक से सख़्त नहीं होतीं और चिपचिपी रहती हैं। तेल को तब तक पोंछें जब तक तवा लगभग सूखा न दिखे, फिर तब तक गर्म करें जब तक धुआं निकलना बंद न हो जाए। एक मोटी परत से कहीं बेहतर है कि पतली परतें कई बार दोहराई जाएं।
क्या लोहे का तवा इंडक्शन पर चल सकता है?
हां, लोहा और कास्ट आयरन मैग्नेटिक होते हैं, इसलिए तला सपाट हो तो ये इंडक्शन पर चलते हैं। इसे मीडियम सेटिंग पर धीरे-धीरे गर्म करें और खिसकाने के बजाय उठाकर रखें, ताकि ग्लास पर खरोंच न आए।